बपौती में मिलता है रेड कारपेट, दूसरों को बिछाते हैं बेड कारपेट. चंडू नेपोटिज्म के ऐसे थोथे दावेदारों को मारना है दुलत्ती, इनके खानद…
मूक व्यथा 'गज्जू' की, गज्जू के भीतर गज्जू की मर्म वेदना से उपजा क्रंदन अंतर्मन का, नोच खायेगा हर पालक को ,
मजदूर "यह मजदूर पर नहीं 'मजदूर की कविता' है बहुत पास आकर सुनना यह बहुत दूर की कविता है"
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