मंजिलों का शौक रखने वाले रास्तों से यारी नहीं करते . अँधेरा चाहे कितना भी घना क्यों न हो जुगनुओं की सवारी नहीं करते .
क़दमों को छोटा किया था धीमा किया था अपनी चाल को . बेटे से सुर मिलाने के लिए पिता ने बदला था अपनी ताल को .
मज़लूम का हाथ छोड़ने वालों को अहमियत का तकाज़ा न मिला . उम्र बीत गई दरगाह पकड़े-पकड़े ऐसों को कभी ख्वाज़ा न मिला .
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